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Showing posts from June, 2024

हनुमानजी सौ योजन का समुद्र लाँघ गये ।

किसी ने तुलसीदास जी से कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि हनुमानजी सौ योजन का समुद्र लाँघ गये । तुलसीदास जी बोले, आश्चर्य बिल्कुल नहीं। क्यों? हनुमानजी पार जाते हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन कमाल हनुमानजी का नहीं था। फिर? कमाल तो उनका था जो दिखाई नहीं दे रहा था । कौन? प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं।। श्री हनुमानजी समुद्र लाँघ गये । आश्चर्य नहीं है, क्यों ? प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। अब लगता है, मुद्रिका मुख में थी, इसलिए हनुमान जी समुद्र लाँघ गये, तो आश्चर्य नहीं है। तो हनुमानजी की महिमा नहीं है। फिर किसकी महिमा है? मुद्रिका की। लेकिन, तुलसीदास जी बोले, मुद्रिका की नहीं । हनुमानजी ने मुद्रिका मुख में रखी।बुद्धिमताम् वरिष्ठम्, इतने ज्ञानी। मुद्रिका कोई मुख में रखने की चीज है?श्री हनुमानजी से किसी ने कहा कि मुद्रिका मुख में क्यों रखे हो, यह कोई मुख में रखने की चीज है? हनुमानजी ने कहा, मुद्रिका तो मुख में रखने की चीज नहीं है, पर मुद्रिका में जो लिखा है, वह मुख में ही रखने की चीज है। तब देखी मुद्रिका मनोहर । राम नाम अंकित अति सुंदर ।। मुद्रिका में लिखा था राम नाम ।...

कंगुनी ” एक “श्रीअन्न

. “कंगुनी ” एक “श्रीअन्न “                          अर्थात्                      ( Millet )                ****************** संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने साल 2023, को International Year of Millets घोषित किया था । इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र और भारत सरकार का उद्देश्‍य है क‍ि लोग देशी अनाजों का सेवन ज्‍यादा से ज्‍यादा करें। इस घोषणा के बाद दुनियाभर में मोटे अनाजों की खेती और इसके सेवन पर जोर द‍िया गया है । मोटे अनाज की बात करें, तो इसमें कंगुनी को भी शाम‍िल कीया गया है। इन अनाजों को सर्द‍ियों में खाया जाता है क्‍योंक‍ि इनकी तासीर गरम होती है। इनका सेवन करने से शरीर में गरमाहट बनी रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कंगुनी कई विटामिन-मिनरल्स से भरपूर होता है इसलिए इसका सेवन करना सर्दियों में काफी फायदेमंद माना जाता है. तो आइए कंगुनी के फायदे भी जान लीजिए. जैसे- एक्सपर्ट के मुताबी 100 ग्राम कंगुनी में ऊर्जा 352 -K कैलो...