दिगपाल क्या हैं और कितने होते हैं?

मान्यता है कि पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण ध्रुवा व ऊर्ध्व छः दिशाएं छः द्वार हैं जिनसे हमारे प्रारब्धों के अनुसार आने वाली मुसीबतें, हमें परेशान कर सकती हैं और अच्छाइयां हमारे जीवन में खुशियां ले आती है। अतः छहों दिशाओं में एक एक द्वारपाल है जो हमारे कर्मों के अनुरूप उन को आने या न आने की आज्ञा देते है। यें द्वारपाल है क्रमशः आदित्य, अन्नमदेव, शनि,पितर,वीरुध तथा वर्षम। इन्हें ही दिगपाल कहते है।



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