पत्नी पूजा के समय पति के दाएं तरफ बैठेगी या बाई तरफ शास्त्र प्रमाण के साथ
पत्नी पूजा के समय पति के दाएं तरफ बैठेगी या बाई तरफ शास्त्र प्रमाण के साथ बताना है हो सके तो दोहे और श्लोक भी देना। यह प्रश्न गृहस्थ धर्म, वैदिक कर्मकाण्ड और शास्त्रीय मर्यादा से जुड़ा है। शास्त्रों में इसका स्पष्ट और एकरूप उत्तर मिलता है। 🔱 निष्कर्ष (संक्षेप में) 👉 पूजा, यज्ञ, व्रत, हवन, संकल्प आदि में पत्नी सदैव पति के दाएँ (दक्षिण) ओर बैठती है। 👉 यदि पत्नी उपस्थित न हो तो अधिकांश वैदिक कर्म अपूर्ण माने जाते हैं। 📜 शास्त्रीय प्रमाण 1️⃣ गृह्यसूत्र और धर्मशास्त्र मनुस्मृति (9.96) में स्पष्ट कहा गया है— पत्नी धर्म की सहधर्मिणी है , वह पति के साथ ही यज्ञ और व्रत में सहभागी होती है। 👉 इसी सहधर्म भाव के कारण पत्नी को दक्षिण भाग दिया गया है। 2️⃣ यज्ञ में स्थान निर्धारण आपस्तम्ब गृह्यसूत्र में कहा गया— यज्ञ करते समय 🔸 पति उत्तराभिमुख बैठे 🔸 पत्नी उसके दक्षिण भाग में स्थित हो दक्षिण भाग = दाहिनी ओर 3️⃣ पुराण प्रमाण स्कन्द पुराण में कहा गया है— दक्षिणे तु समासीनां पत्नीं कुर्यात् यजमानः। 📖 अर्थ – यजमान (पति) को चाहिए कि यज्ञ में पत्नी को अपने दाए...